RenderQ

SCAD's digital media blog

Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi

नोटिस मिलने के बाद बकायेदार धारा 9 के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है कि दावा की गई राशि गलत या अवैध है।

इस अधिनियम के तहत "लोक मांग" (Public Demand) उन बकाया राशियों को कहा जाता है जो सरकार या सरकारी संस्थाओं को देय हों। उदाहरण के लिए:

पट्टे (Lease) पर ली गई सरकारी भूमि का बकाया

बकायेदार को गिरफ्तार करना। धीरे-धीरे चुका देगा

4. संपत्ति की कुर्की और गिरफ्तारी

बिहार के एक छोटे से गाँव, चैनपुर में रामू नाम का एक किसान रहता था। रामू ने कुछ साल पहले खेती के लिए सरकारी सहकारी समिति से बड़ा ऋण (Loan) लिया था। फसल खराब होने और घर की जिम्मेदारियों के कारण वह समय पर किश्तें नहीं भर पाया। उसे लगा कि सरकारी पैसा है, धीरे-धीरे चुका देगा, लेकिन कानून अपना काम कर रहा था।

सर्टिफिकेट ऑफिसर के आदेश के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों (जैसे कलेक्टर या आयुक्त) के पास अपील की जा सकती है। धीरे-धीरे चुका देगा

के तहत आपत्ति का निपटारा करने के बाद, प्रमाणपत्र अधिकारी धारा 10 के तहत अंतिम आदेश पारित करता है।

प्रमाणपत्र अधिकारी के पास सिविल कोर्ट की शक्तियाँ होती हैं।

बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 (PDF in Hindi) धीरे-धीरे चुका देगा

या

प्रमाण पत्र अधिकारी (Certificate Officer) धारा 46 (वसूली शक्तियां)

बिना उचित नोटिस दिए कोई वसूली नहीं की जा सकती।

4. बिहार और उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम 1914 PDF हिंदी में (Download Link)

यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी खजाने को नुकसान न हो।